छात्र की परफॉर्मेंस ही उसकी असली पहचान है..।
प्रेरणा डायरी "छोटी सी आशा" बिल्कुल। “परफॉर्मेंस ही असली पहचान है” केवल पढ़ाई या नौकरी तक सीमित विचार नहीं है, बल्कि जीवन के लगभग हर क्षेत्र में सफलता का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। किसी व्यक्ति के बारे में उसकी बातें, दावे या उसकी प्रतिभा की चर्चा से अधिक महत्वपूर्ण यह होता है कि वह वास्तव में करके क्या दिखाता है। परफॉर्मेंस सी असली पहचान है : उदाहरण मान लीजिए किसी कक्षा में दो विद्यार्थी हैं—अमित और रोहित। अमित हमेशा कहता है कि वह बहुत मेहनती है, उसे सभी विषयों की अच्छी समझ है और वह परीक्षा में बहुत अच्छे अंक प्राप्त करेगा। दूसरी ओर रोहित कम बोलता है। वह नियमित रूप से पढ़ता है, अपने कमजोर विषयों पर काम करता है, टेस्ट देता है और अपनी गलतियों को सुधारता है। परीक्षा का परिणाम आता है। अमित के दावे केवल दावे रह जाते हैं, जबकि रोहित अच्छे अंक प्राप्त करता है। अब शिक्षक, माता-पिता और दूसरे विद्यार्थी किसे अधिक गंभीरता से लेंगे? स्वाभाविक रूप से रोहित को, क्योंकि उसने अपनी क्षमता को अपनी परफॉर्मेंस के माध्यम से साबित किया है। इंफोसिस के को फाउंडर मेंबर...